Life Management

सबसे बड़ा रोग, क्या कहेंगे लोग | What Will People Say

”सबसे बड़ा रोग क्या कहेंगे लोग’‘ दोस्तों मुझे लगता हैं कि ये स्थिति लगभग सभी के साथ होती हैं अगर आप अपने आस पास के लोगों से अलग, या कुछ ऐसा करने की सोचते हैं जो कि आपके अपनों को मुश्किल और नामुमकिन लगता हैं तो ऐसे में आपके अपने ही कह देते हैं कि अगर तू नहीं कर पाया तो वो क्या सोचेंगे, ये तो थी एक स्थिति |
अब दूसरी स्थिति ये हैं दोस्तों कि आप ने कुछ सोचा कि मुझे ये करना हैं, मैं ये करूँगा और आप खुद ही सोचने लग जाते हैं कि वो क्या सोचेंगे, शर्मा अंकल क्या सोचेंगे, गुप्ता जी क्या सोचेंगे | तो भाई साहब सोचते रहिये आपका कुछ नहीं होगा |

आपको जानकार हैरानी होगी कि लगभग 90 % लोग जो ये सोचते हैं कि मुझे कुछ करना हैं, कुछ अलग करना हैं, कुछ बड़ा करना हैं जिंदगी निकल जाती हैं पर वो कभी कोशिश ही नहीं करते | इसका जिक्र मैंने एक लेख ”try again and try again” में भी किया हैं तो इनमें से ज्यादातर लोगों की मुझे लगता हैं कि यही समस्या होती हैं कि ”वो क्या सोचेंगे या फिर फैल हो गये तो क्या होगा ” | हाँ कुछ की एक अलग वजह हो सकती हैं मैं लगभग की बात कर रहा हूँ |
चलिए ये तो बात थी समस्या की अब इसका समाधान क्या हो सकता हैं उस पर जरा बात करते हैं देखिये दोस्तों मुझे नहीं लगता कि जो आप सोचते हैं कि ”वो क्या सोचेंगे” वो लोग आपके काम में बाधा बन सकते हैं समस्या बाहर नहीं हैं समस्या आपके अन्दर ही हैं वो कौन हैं जो ये सोच रहा हैं कि ”वो क्या सोचेंगे” आप खुद या आपके अपने | अपनों को तो समझा सकते हो लेकिन खुद को कैसे समझाओगे | ज्यादातर समस्या तब होती हैं जब आप पहले से कुछ कर रहे होते हैं मान लीजिये आप किसी ऑफिसर की पोस्ट पर बैठे हैं और आप उस नौकरी से खुश नहीं हैं तो आप वो करना चाह रहे हैं जिसमें आपको मजा आता हो, आपकी रूचि हो मतलब कुछ अलग करना चाह रहे हैं |

अब समस्या ये हैं कि आप काम शुरु करने से पहले ही सोच लेते हैं कि ”वो क्या सोचेंगे” कि मैं एक ऑफिसर की नौकरी छोड़कर ये कर रहा हूँ | तो ये समस्या आपकी अपनी हैं आप खुद इसको समस्या बना रहे हैं कोई दूसरा नहीं | किसी दूसरे को को तो पता ही नहीं है कि आप करने क्या वाले हो तो वो आपकी समस्या कैसे बन सकते हैं और पता हो तब भी नहीं बन सकते | दुसरे लोग कुछ नहीं सोचेंगे बल्कि आप ही सोच सोच कर कि ”वो क्या सोचेंगे’‘ परेशान हो जायेंगे और कुछ भी नहीं कर पाएंगे | अगर कोई सोचता भी हैं तो आपको क्या फर्क पड़ रहा हैं वो आपको बोलेंगे थोड़ी ही | अगर बोल भी दिया तो क्या हो जायेगा आप अपना काम कीजिये न किसने रोका हैं आपको | आपने ये तो सुना ही होगा कि ”कुछ तो लोग कहेंगे लोगो का काम हैं कहना” अगर आप कुछ करते है या नहीं करते हैं, कुछ अच्छा करते हैं या बुरा करते हैं लोग तो कहेंगे क्योंकि लोगो का काम ही हैं कहना | इससे तो अच्छा हैं कि आप चाह रहे हैं कुछ करना तो उसे कर लिया जाये |

दोस्तों इस अवधारणा को, इस कीड़े को या यूँ कहूँ कि वो क्या सोचेंगे के भूत को निकाल दीजिये अपने दिमाग से | आप जो करना चाहते हैं, जो बनना चाहते हैं दिल खोल कर कीजिये बस लग जाइये आपको कोई नहीं रोकेगा | अगर आप अन्दर से मजबूत हैं, आपका जूनून है कुछ करने का तो आपको कोई नहीं रोक सकता यहाँ तक की आप खुद भी नहीं | ये सारा खेल आपके अन्दर का हैं |
हम अगले लेख में इस पर बात करेंगे कि अपने आपको अन्दर से मजबूत कैसे बनाया जाये |

[दोस्तों अगर आपका कोई सुझाव हो तो आप मुझे comment करके या contact us में दी गई email पर भेज सकते है |]

Change Your Viewpoint

Are You Really Sad

Sorrow Is Your Strength,No Weakness

Ask Yourself

Spread the love

4 Comments on “सबसे बड़ा रोग, क्या कहेंगे लोग | What Will People Say

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *