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दुःख आपकी ताकत हैं, कमजोरी नहीं – Sorrow Is Your Strength,No Weakness

दोस्तों आम तौर पर लोग छोटी – छोटी बातों से दुःखी हो जाते हैं जैसे कि आपने देखा होगा कि अगर किसी को कोई कुछ बोल देता हैं तो वो उसी से दुःखी हो जाते हैं दरअसल किसी का कुछ कहना आपको ख़राब लग जाता हैं तो आप उससे दुःखी हो जाते हो कि यार इसने मुझसे ये क्यों कह दिया | दोस्तों किसी की बात सुनकर आपको खराब लग सकता हैं / बुरा लग सकता हैं मगर ये दुःखी होने का कारण नहीं हैं आपने देखा होगा कि अगर आप सड़क से होकर कही जा रहे हैं और सड़क में कहीं गड्ढा मिल जाये तो आप दुःखी हो जाते हो और सरकार को नेताओं को खरी – खोटी सुनाने लगते हो तो ये गड्ढा आपके दुःख का कारण नहीं हैं बल्कि उस गड्ढ़े से आपको परेशानी हो रही हैं आपको खराब लग रहा हैं, बड़े बुजुर्गो ने डाट दिया तो दुःखी हो जाते हैं वो दुःख का कारण नहीं हैं वो आपको ख़राब लग जाता हैं और दोस्तों मैं तो कहूँगा की हमको अपने बड़े बुजुर्गों की बातों का बुरा मानना ही नहीं चाहिए दुःखी होना तो दूर की बात हैं | हमारे बड़े कभी गलत नहीं होते वो अपने अनुभव के आधार पर आपको बोलते हैं और आप ठहरे नए ज़माने के तो आपको उनकी बात बुरी लग जाती हैं ऐसे में आप उनको अपने स्तर पर समझाइए उनसे दुःखी मत होइए | मुझे नहीं लगता कि कोई माता – पिता या बुजुर्ग अपने बच्चो को दुःखी करना चाहेगा | हमारी जिंदगी में रोज ऐसा पता नहीं कितनी बार होता हैं तो क्या आप उनसे दुःखी रहेंगे |

दोस्तों मुझे तो लगता हैं कि ये जो खराब लगना हैं दुःखी होना हैं ये हमारी जिंदगी में होने ही चाहिए | कही न कही मुझे लगता हैं कि ये हमारी जिंदगी में निखार लाते हैं हमारी जिंदगी को सुंदर बनाते हैं अब आप देखिये जो समंदर में लहरे उठती हैं क्या वो उसका खराब रूप हैं या अच्छा, अच्छा हैं | सोचिये अगर समंदर में लहरे उठे ही ना, और पूरा समंदर शांत हो जाये तो क्या उसमें कोई खूबसूरती होगी लहरे समंदर का सौन्द्रय बढ़ाती हैं वो कभी उठती हैं कभी गिरती हैं फिर कभी उठती हैं और गिर जाती हैं | हाँ अगर समंदर में ऊँची और बड़ी लहरे आ जाये जिसे हम तूफ़ान कहते हैं वो फिर खतरनाक हो जाती हैं वो तो तबाही मचाएंगी ही | इसी तरह हमारी जिंदगी में भी लहरों की तरह छोटे – छोटे दुःख आते रहते हैं वो आने ही चाहिए और दुःख भी लहरों की तरह स्थाई नहीं होते वो अस्थाई होते हैं उन्हें लहरों की तरह गिरना ही पड़ेगा | वो सिर्फ कुछ समय तक रहते हैं |

मुझे तो लगता हैं कि दुःख जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए जरूरी हैं क्या आपने किसी ऐसे इंसान को देखा हैं जिसने सिर्फ सुखी रहकर कुछ किया हो उसने कभी दुःख देखे ही नहीं हो कोई नहीं हैं | हम सिर्फ दुःख की वजह से ही कुछ कर सकते हैं, जिंदगी में आगे बढ़ सकते हैं | आज तक कोई भी सुख की वजह से कुछ भी नहीं कर पाया हैं | हां ये आप पर निर्भर करता हैं कि आप दुःख को किस तरह से लेते हैं उसे अपनी ताकत बनाते हैं या कमजोरी अगर कमजोरी बनाया तो आप वही रुक जाओगे कुछ नहीं कर पाओगे और अगर ताकत बनाया तो आगे बढ़ जाओगे और बढ़ते जाओगे | दुःख ताकत होता हैं कमजोरी नहीं |

आप जरा कल्पना कीजिये की अगर आप सुखी – सुखी हैं तो क्या आप कभी उत्सव मना पाएंगे कभी नहीं अगर आप ने पहले दुःख झेला है और फिर खुशी को पाया हैं तो आप पूरे जोश से उत्सव मनाएंगे | जरा सोचिये क्या आप बिना एक क्लास को पास किये अगली क्लास में जा सकते हैं जवाब होगा बिलकुल भी नहीं | इसी तरह प्रक्रति भी हमारी परीक्षा लेती हैं जिसे हम दुःख कहते हैं अगर हमने उसे अपना लिया सहन कर लिया तो आप पास हो जाओगे और आगे बढ़ जाओगे अन्यथा आप वही अटके रहोगे और आपकी जिंदगी में कभी सुख नाम का शब्द नहीं आएगा | दुःख को अपनी ताकत बनाइये कमजोरी नहीं ||

आखिर में दो लाइन लिखना चाहूँगा जो की एक गीत की लाइन हैं –

”राही मनवा दुःख की चिंता क्यों सताती हैं , दुःख तो अपना साथी हैं”

 

[ दोस्तों मुझे लगता हैं कि इस टॉपिक पर बस इतना ही | हाँ अगर आप कुछ सुझाव देते हैं तो मैं जरूर इसपर लिखूंगा || ]

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